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BHARAT में अब चीतों का अर्धशतक करीब, सात समंदर पार से कूनो के लिए उडान,कल पहुंचेगें

  भोपाल।  शिवपुरी-श्योपुर की सीमा पर स्थित कूनो नेशनल पार्क मे इतिहास बनाने के क्रम में एक और पन्ना जुडने वाला है,28 फरवरी की सुबह सात समंदर...

 भोपाल। शिवपुरी-श्योपुर की सीमा पर स्थित कूनो नेशनल पार्क मे इतिहास बनाने के क्रम में एक और पन्ना जुडने वाला है,28 फरवरी की सुबह सात समंदर पार से बोत्सवाना से हवाई सफर करने के बाद भारत की धरा पर अपने कदम रखेंगे,कूनो मे फिर तीसरी बार 8 विदेशी चीते आने वाले है,अब भारत की धरती पर चीतों की संख्या 46 हो जाऐगी।


जानकारी के अनुसार कूनो नेशनल पार्क में चीतों की तीसरी खेप के आगमन की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। बोत्सवाना से 8 चीते 27 फरवरी को भारतीय समयानुसार रात 9:30 बजे उड़ान भरेंगे। करीब 11.30 घंटे की हवाई यात्रा के बाद वे 28 फरवरी की सुबह ग्वालियर पहुंचेंगे और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए कूनो लाए जाएंगे। 28 फरवरी की सुबह लगभग 9 बजे तक इनके पार्क पहुंचने की संभावना है।

चीतों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से एयर लिफ्ट किया जाएगा। कार्यक्रम की समय-सीमा तय होने के कारण अतिथियों को चीतों से पहले कूनो पहुंचना होगा। सुबह निर्धारित डेढ़ घंटे के कार्यक्रम में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दो चीतों को प्रतीकात्मक रूप से क्रेट का हैंडल घुमाकर बाड़े में रिलीज करेंगे। कार्यक्रम में डीजी वन्यजीव भारत सरकार सुशील कुमार अवस्थी भी मौजूद रहेंगे। नई खेप में 6 मादा और 2 नर चीते शामिल हैं। इनके साथ बोत्सवाना के 5 वन्यजीव विशेषज्ञ भी आएंगे, जो 1 मार्च को वापस लौटेंगे।

साल भर से ज्यादा उम्र के 16 नर और 18 मादा होंगे
इन 8 चीतों के आगमन के बाद कूनो में चीतों की कुल संख्या 46 हो जाएगी। वर्तमान में देश में 38 चीते हैं। इनमें से 27 का जन्म भारत में हुआ है। कूनो में 12 महीने से अधिक उम्र के 26 चीतों में से 14 नर और 12 मादा हैं।

बोत्सवाना से 6 नई मादाओं के आने के
बाद वयस्कों की संख्या 34 हो जाएगी, जिनमें 18 मादा और 16 नर होंगे। इससे अब तक नर-प्रधान संतुलन में सुधार होगा और प्रजनन की गति बढ़ने की उम्मीद है। बता दें कि भारत में जन्मी नई पीढ़ी में नर चीतों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रही है।

3 देशों का जेनेटिक संगम, 6 संभावित कॉम्बिनेशन
प्रोजेक्ट चीता अब नए चरण में प्रवेश कर रहा है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्स अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सतत बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि ईवीएम की सुरक्षा एवं पारदर्शिता की जा सके। अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सतत बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि ईवीएम की सुरक्षा एवं पारदर्शिता की जा सके। वाना तीनों देशों के चीतों का भारत में संगम होगा। विशेषज्ञों के अनुसार अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों के चीतों के मेल से इनब्रीडिंग का खतरा घटेगा। नामीबियाई, दक्षिण अफ्रीकी और बोत्सवाना मूल के चीतों के संभावित प्रजनन से 6 अलग-अलग जेनेटिक संयोजन बन सकते हैं।

सीएम और केंद्रीय वन मंत्री भी आएंगे
चीतों के बोत्सवाना से आने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 28 फरवरी को सुबह करीब 9 और 9.30 बजे तक आ जाएंगे। सीएम और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव भी आएंगे। -
उत्तम कुमार शर्मा, सीसीएफ, कूनो नेशनल पार्क

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