शिवपुरी। सात साल पहले जिन हाथों को थाम कर सात फेरे लिए थे, आज वही हाथ एक-दूसरे पर गंभीर आरोप और चरित्र पर कीचड़ उछालते हुए पब्लिक में चर...
शिवपुरी। सात साल पहले जिन हाथों को थाम कर सात फेरे लिए थे, आज वही हाथ एक-दूसरे पर गंभीर आरोप और चरित्र पर कीचड़ उछालते हुए पब्लिक में चरित्र सर्टिफिकेट जारी कर रहे हैं। शिवपुरी के नीमडाडा क्षेत्र से निकलकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की चौखट तक पहुंचा यह मामला किसी फिल्मी ड्रामा से कम नहीं है। यहाँ एक पत्नी अपने पति पर अवैध संबंधों और खुद को बेचे जाने के सनसनीखेज आरोप लगा रही है, तो वहीं पति अपनी अर्धांगिनी को ही परपुरुष के साथ रहने वाली बताकर सारे दावों को खारिज कर रहा है। विश्वास की नींव दरक चुकी है और इस नफरत की आग में तीन मासूम बच्चे किसी फुटबॉल की तरह इधर से उधर हो रहे हैं।
बैतूल निवासी मंगलवती आदिवासी ने बताया कि उसका विवाह सात वर्ष पूर्व ग्राम नीमडाडा, थाना देहात के सुनील आदिवासी से हुआ था। उनके तीन बच्चे प्रिंस (6), प्रियल (4) और रिया (2) हैं। महिला का आरोप है कि उसका पति शराब का आदी है और अक्सर मारपीट करता था। उसने यह भी आरोप लगाया कि पति के अपनी मामा की बेटी से संबंध हैं और विरोध करने पर उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। मंगलवती के अनुसार, 26 फरवरी 2026 को दोपहर में उसके पति और सास घर आए। उन्होंने मारपीट की और तीनों बच्चों को जबरन अपने साथ ले गए। महिला ने आशंका व्यक्त की है कि बच्चों के साथ गलत व्यवहार हो सकता है।
महिला ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि जब उसका पति अपनी मामा की बेटी के साथ चला गया था, तब उसकी सास ने उसे एक पंजाबी व्यक्ति को बेचने की कोशिश की थी, जिसके कारण उसे घर छोड़ना पड़ा।
इस मामले में पति सुनील आदिवासी ने पत्नी के सभी आरोपों को गलत बताया। उसका कहना है कि पत्नी स्वयं उसे छोड़कर बच्चों के साथ चली गई थी और इस दौरान उसका एक्सीडेंट भी हुआ था। पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी खरई गांव के हरवीर जाटव नामक व्यक्ति के साथ रहने लगी थी और उसके पहले भी अन्य लोगों से संबंध रहे हैं। महिला ने पुलिस अधीक्षक से पति और सास के खिलाफ कार्रवाई करने और बच्चों को उसकी सुपुर्दगी में दिलाने की मांग की है।

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