करैरा। कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और मेहनत में ईमानदारी हैं तो मंजिल खुद-ब-खुद कदम चूमती है। शिवपुरी जिले की करैरा तहसील के एक छोटे...
करैरा। कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और मेहनत में ईमानदारी हैं तो मंजिल खुद-ब-खुद कदम चूमती है। शिवपुरी जिले की करैरा तहसील के एक छोटे से गांव बगरोदा की बेटी मुस्कान लोधी ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। एक साधारण किसान परिवार में जन्मी मुस्कान का चयन सीमा सुरक्षा बल (BSF) में हुआ है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे अंचल का नाम रोशन कर दिया है।
बिना कोचिंग, घर की दहलीज से फतह किया आसमां
आज के दौर में जहां प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए युवा बड़े शहरों और महंगी कोचिंग संस्थानों का रुख करते हैं, वहीं मुस्कान ने एक अलग रास्ता चुना। उन्होंने घर पर रहकर ही Self-study किया और कड़ी लगन से तैयारी की। मुस्कान की मेहनत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। मुस्कान का कहना है कि वर्दी पहनकर देश सेवा करना उनका सपना था, जिसे उन्होंने अपनी जिद से पूरा किया। वे ट्रेनिंग के बाद भी अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं।
बेटी की विदाई पर थिरका पूरा गांव, डीजे के साथ निकला जुलूस
मुस्कान जब ट्रेनिंग के लिए रवाना होने वाली थीं, तो पूरे बगरोदा गांव ने अपनी लाडली का स्वागत किसी त्यौहार की तरह किया। फूल-मालाओं से लदी मुस्कान का ग्रामीणों ने डीजे और गाजे-बाजे के साथ भव्य जुलूस निकाला। यह नजारा भावुक करने वाला था, जहां हर ग्रामीण की आंखों में गर्व और चेहरे पर मुस्कान थी।
समाज और जनप्रतिनिधियों ने बढ़ाया मान
अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुस्कान के घर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। जिलाध्यक्ष अमन लोधी आमोल, करैरा ब्लॉक अध्यक्ष दुर्ग सिंह लोधी और सरपंच मान सिंह लोधी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर बेटी का हौसला बढ़ाया। इस दौरान शिक्षक मनीराम पटेल, राकेश राजपूत और बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने मुस्कान को विदा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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