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SHIVPURI मे महंगा हुआ शिक्षा सत्र, बाजार से पुस्तकें गायब, पुस्तक मेले की मांग

  शिवपुरी।  जिले में 1 अप्रैल से नए शिक्षा सत्र 2026-27 का शंखनाद होने जा रहा है, लेकिन धरातल पर तैयारी आधी-अधूरी है। आलम यह है कि एनसीईआरटी...

 शिवपुरी। जिले में 1 अप्रैल से नए शिक्षा सत्र 2026-27 का शंखनाद होने जा रहा है, लेकिन धरातल पर तैयारी आधी-अधूरी है। आलम यह है कि एनसीईआरटी (NCERT) से लेकर सीबीएसई (CBSE) तक, किसी भी बोर्ड की कक्षा 1 से 12वीं तक का पूरा सेट बाजार में उपलब्ध नहीं है। कहीं दो किताबें गायब हैं तो कहीं तीन, जिससे अभिभावक दुकानों के चक्कर काट-काट कर परेशान हैं।


महंगाई की मार: 500 का कोर्स 7000 में
शहर के निजी स्कूलों ने एक बार फिर अभिभावकों की जेब पर डाका डालना शुरू कर दिया है। सरकारी आंकड़ों और बाजार की स्थिति की तुलना करें तो चौकाने वाला अंतर सामने आता है। जो कोर्स एनसीईआरटी की किताबों के जरिए 500 से 1000 रुपये में पूरा हो सकता है, वही कोर्स निजी प्रकाशकों (Private Publishers) के नाम पर 5000 से 7000 रुपये में बेचा जा रहा है। प्रशासन की चुप्पी निजी स्कूलों के हौसले बुलंद कर रही है।

पुस्तक मेले का इंतजार, निजी स्कूलों का दबाव
शिक्षा विभाग ने पिछले दो वर्षों की 'पुस्तक मेला' परंपरा को इस बार ठंडे बस्ते में डाल दिया है। नियमतः यह मेला मार्च के अंतिम सप्ताह में लगना चाहिए था ताकि अभिभावकों को वाजिब दामों पर किताबें मिल सकें। अब विभाग अप्रैल में मेला लगाने की बात कह रहा है, लेकिन तब तक अधिकांश अभिभावक स्कूलों के दबाव में महंगा कोर्स खरीद चुके होंगे।

सरकारी स्कूलों का हाल: भोपाल से किताबों का इंतजार
सिर्फ निजी ही नहीं, सरकारी स्कूलों की स्थिति भी डांवाडोल है। संकुल केंद्रों पर किताबें पहुंचना शुरू तो हुई हैं, लेकिन कक्षा 11वीं और 12वीं का पूरा स्टॉक अभी भी लापता है। अधिकारियों का दावा है कि वितरण अप्रैल में होगा, लेकिन बिना किताबों के सत्र की शुरुआत केवल एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी।

इनका कहना हैं
सत्र 1 अप्रैल से ही शुरू होगा। शासकीय स्कूलों की किताबें संकुल केंद्रों पर भेजी जा रही हैं। पुस्तक मेला भी अप्रैल माह में ही आयोजित किया जाएगा।"
विवेक श्रीवास्तव, डीईओ, शिवपुरी

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