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Shivpuri में होलिका दहन की तैयारी शुरू,भद्रायां होलिका दहेद् ग्राम नाशः प्रजाक्षयः

  शिवुपरी।  शिवपुरी शहर में कई स्थानों पर होलिका दहन की तैयार शुरू हो चुकी है। शिवपुरी में कई स्थानों पर होली दहन के लिए होलिका को सजाना शुर...


 शिवुपरी। शिवपुरी शहर में कई स्थानों पर होलिका दहन की तैयार शुरू हो चुकी है। शिवपुरी में कई स्थानों पर होली दहन के लिए होलिका को सजाना शुरू कर दिया है,धर्मशाला रोड पर स्थित भैरो बाबा मंदिर सहित शहर के कई स्थानों पर आज 2 फरवरी को होलिका दहन किए जाने की खबर है।


इस बार होली को लेकर ग्रहों की चाल बदली है। आज 2 फरवरी को शाम को साढ़े बजे तक का होलिका दहन का मुर्हुत बताया जा रहा है। वही देश के कई स्थानों पर 3 फरवरी के दिन होलिका दहन का निर्णय लिया गया है।


यह है मतभेद होलिका दहन को लेकर
ज्योतिषाचार्य का कहना है कि पूर्णिमा तिथि 2 मार्च से ही प्रारंभ हो रही है, जिससे कई लोग इसी दिन दहन का विचार कर रहे है। लेकिन आचार्य ने सचेत करते हुए कहा कि इस दिन भद्रा का मुख है। धर्मसिन्धु के अनुसार:
भद्रायां होलिका दहेद् ग्राम नाशः प्रजाक्षयः।
अर्थात भद्रा में होलिका जलाना समाज, गांव और शासन के लिए बेहद अशुभ और विनाशकारी होता है। सुख-शांति के लिए भद्रा काल का त्याग अनिवार्य है।

चंद्र ग्रहण और सूतक का गणित
3 मार्च को चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इसका सूतक काल सुबह 09:39 बजे से ही शुरू हो जाएगा। सूतक के दौरान मंदिरों के पट बंद रहेंगे और प्रत्यक्ष पूजा वर्जित होगी। हालांकि, ग्रहण का मोक्ष (समाप्ति) शाम 06:46 बजे होगा। इसके बाद ही शुद्धिकरण करके होलिका पूजन और दहन किया जाना श्रेष्ठ है। आचार्य ने स्पष्ट किया कि होलिका दहन में भद्रा का विचार मुख्य होता है, ग्रहण के सूतक का दहन की प्रक्रिया पर कोई निषेध नहीं है।

नोट कर लें सटीक समय (मुहूर्त 2026)
इस बार होलिका दहन के लिए बहुत सीमित समय उपलब्ध है। ग्रहण समाप्ति के ठीक बाद भक्तजन पूजन कर सकेंगे।
होलिका दहन तिथि: 3 मार्च 2026 (मंगलवार)
शुभ मुहूर्त: शाम 06:22 बजे से रात 08:50 बजे तक।

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