शिवपुरी। पर्यटन नगरी शिवपुरी अब विश्व पटल पर क्रिकेट की नर्सरी के रूप में पहचाना जाएगा। ग्वालियर-चंबल संभाग के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम...
शिवपुरी। पर्यटन नगरी शिवपुरी अब विश्व पटल पर क्रिकेट की नर्सरी के रूप में पहचाना जाएगा। ग्वालियर-चंबल संभाग के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है, जब शिवपुरी की बेटी और श्रीमंत माधवराव सिंधिया खेल परिसर में किक्रेट की एबीसीडी सीखने वाली ऑलराउंडर अनुष्का शर्मा का चयन भारतीय महिला क्रिकेट टीम में हुआ है। अनुष्का अब केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि शिवपुरी का वह विजिटिंग कार्ड बन गई हैं, जिसकी चमक पूरी दुनिया देखेगी।
संभागीय खेल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पूर्व खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया की दूरगामी सोच से वर्ष 2022 में शुरू हुई इस महिला क्रिकेट अकादमी ने महज 4 साल के भीतर देश को एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दे दी है। शिवपुरी अकादमी का ट्रैक रिकॉर्ड हैरान करने वाला है—सिर्फ 4 साल में यहाँ से 3 खिलाड़ी WPL (वुमेन प्रीमियर लीग) तक पहुंचीं और अब अनुष्का के रूप में पहली खिलाड़ी टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनने जा रही हैं।
WPL और एशिया कप में दिखाया हुनर
अनुष्का के चयन का रास्ता उनकी कड़ी मेहनत और विस्फोटक बल्लेबाजी से प्रशस्त हुआ। गुजरात जायंट्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 30 गेंदों पर 44 रन की तूफानी पारी खेलकर चयनकर्ताओं को मजबूर कर दिया। फिनिशर की भूमिका में 8 गेंदों पर 18 रन की कैमियो पारी ने उनकी क्षमता पर मुहर लगा दी। इसके बाद 'इंडिया-ए' की ओर से खेलते हुए एशिया कप में वे दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं।
मिशन दक्षिण अफ्रीका और वर्ल्ड कप 2026
अनुष्का शर्मा जल्द ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज में मैदान पर उतरेंगी। यह दौरा न केवल अनुष्का के लिए परीक्षा की घड़ी है, बल्कि जून 2026 में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम चयन का मुख्य पैमाना भी होगा। शिवपुरी के कोच अरुण सिंह के मार्गदर्शन में तकनीक और अनुशासन की बारीकियां सीखने वाली अनुष्का आज करोड़ों युवाओं की प्रेरणा बन चुकी हैं।
अनुष्का का संकल्प
भारतीय टीम के लिए खेलने का सपना आज हकीकत बना है। कोच सर की तकनीक और WPL के अनुभव ने मुझे निखारा है। अब लक्ष्य दक्षिण अफ्रीका की धरती पर तिरंगा लहराना है।"
अनुष्का शर्मा, नव-चयनित खिलाड़ी, भारतीय टीम

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