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राशन का महाघोटाला, 500 क्विटल अनाज डकार गए 8 कर्मचारी, 3 दुकानों पर

  कोलारस।  कोलारस अनुविभाग में गरीबों को मिलने वाले राशन में एक बड़े फर्जीवाड़े का स्टॉक हुआ है। एंटरप्राइज़-ऑपरेटर के निर्देशन की जांच में ...

 कोलारस।  कोलारस अनुविभाग में गरीबों को मिलने वाले राशन में एक बड़े फर्जीवाड़े का स्टॉक हुआ है। एंटरप्राइज़-ऑपरेटर के निर्देशन की जांच में खुलासा हुआ है कि ब्लॉक के तीन गोदामों से 14 लाख रुपये से अधिक का राशन सोर्स-बर्ड कर दिया गया है। इस मामले में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की रिपोर्ट में पैंथर इलाके में तीन अलग-अलग मंदिर दर्ज किए गए हैं, जिनमें 3 मैनेजर और सेल्समैन समेत कुल 8 लोगों को शामिल किया गया है।


गायब मिलाप माउंटेन स्टॉक के रूप में
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव स्टेप ने जब इन यार्डों का भौतिक सत्यापन किया, तो पीओएस (पीओएस) मशीन में प्रवेश स्टॉक और मौसेस पर मौजूद बोरियों में जमीन-आसमान का अंतर मिला। कुल 219.73 शाही व्यंजन और 242.62 शाही चावल के अभिलेख गायब हो गए। इसके अलावा 960 किलो नमक और 268 किलो शार्क की भी कालाबाजारी की गई।

गिरी गाज डेहरोड दुकान पर ये तीन दुकानें
(एफआईआर 1): यहां ई-केवैसी में दुकानें पर सेल्समैन रामवीर रावत को पहले ही हटा दिया गया था। जांच में स्टॉक में भारी कमी मिली। बुनियादी: प्रबंधक हरिवल्लभ वर्मा, रामवीर रावत और धर्मपुरी गोस्वामी।

गोहरी दुकान (एफआईआर 2): यहां प्राथमिक विपणन सहयोगी संस्था बिल्डर द्वारा संचालित दुकान में 132 से अधिक राशन और नमक गायब मिला। इंफ्रास्ट्रक्चर: मैनेजर सूरज लाल रावत, सेल्समैन फ्लिपकार्ट वर्मा और अमित यादव।

खाई दुकान (एफआईआर 3): संस्था के अध्यक्ष और प्रबंधक ने स्टॉक की अन्य दुकान में अविश्वसनीयता की दुकान बनाई थी, लेकिन जब चार्ज हैंडओवर हुआ तो 128 सामान्य राशन कम मिला। बुनियादी:प्रबंधक हरिवल्लभ वर्मा, गोविंद रावत और रामनिवास रावत। (नोट: प्रबंधक हरिवल्लभ वर्मा दो अलग-अलग आश्रमों में शामिल हैं)।

लगातार बढ़ती जा रही है
कोलारस क्षेत्र में डीएम के नाम पर राशन ना मिलने की वजह से कोलारस क्षेत्र के सीएम का अंबार लग गया था। डॉक्टर के निर्देश प्रशासन पर अब एक्शन मोड में है। पिछले एक साल से अकेले कोलारस ब्लॉक में राशन घोटाले से जुड़ी यह छठी धरोहर है। स्पेशलिस्ट प्रोटोटाइप ने स्पष्ट किया है कि अभी 5 से 6 अन्य पासपोर्ट की जांच भी अंतिम चरण में है, जहां जल्द ही बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

 भौतिक विज्ञान में स्टॉक और मशीन की स्थिति अलग-अलग पाई गई। नोटिस के बाद भी कोई पासपोर्ट जवाब नहीं मिला, जिसके बाद आवश्यक वस्तु

अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।  

प्रोटोटाइप कोलारस, प्रोटोटाइप कोलारस

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