शिवपुरी। केंद्रीय संचार एवं शैक्षणिक क्षेत्र विकास मंत्री एवं न्यूनतम अल्पसंख्यकों ने अपनी शिवपुरी यात्रा के तीसरे दिन जनसेवा, युवा संस्थ...
शिवपुरी। केंद्रीय संचार एवं शैक्षणिक क्षेत्र विकास मंत्री एवं न्यूनतम अल्पसंख्यकों ने अपनी शिवपुरी यात्रा के तीसरे दिन जनसेवा, युवा संस्थान एवं शैक्षणिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाते हुए विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल किया। उन्होंने एक ओर जहां जनसुनवाई के माध्यम से विभिन्न समस्याओं का समाधान किया, वहीं मेधावी छात्रों और प्रौद्योगिकी संस्थानों के छात्रों से संवाद कर भविष्य की दिशा भी तय की। बताया जा रहा है कि इस दौरे पर केंद्रीय मंत्री ने शिवपुरी जिले को लगभग ₹200 करोड़ के विकास कार्य की योजना बनाई है, जिसमें जिलों की तस्वीरें सहायक सामग्री के रूप में शामिल की गई हैं।
आज जनसुनवाई में 782 आवेदन प्राप्त, टोकन सिस्टम से समाधान समाधान
असिस्टेंट प्रोफेसर ने शिवपुरी के कोटा क्षेत्र में लगभग 782 आवेदनों को सुनने के लिए आज की जनसुनवाई आयोजित की। इनमें से कई प्रकरणों के समाधान के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक आवेदन को टोकन सिस्टम के तहत पंजीकृत कर ऑफ़लाइन सूची से जोड़ा गया है, जिससे हर एपिसोड की वैधता और समयबद्ध समीक्षा सुनिश्चित हो सके। आयुष्मान कार्ड, बीपीएल कार्ड, प्रमाण पत्र, लाडली योजना, आवास योजना पंजीकरण और विभिन्न वैज्ञानिक संबद्ध मामलों पर विशेष रूप से सुनवाई की गई।
उल्लेखनीय है कि यह जनसुनवाई श्रृंखला के दूसरे चरण का हिस्सा है, जिसमें पिछले तीन दिनों में शिवपुरी जिले में तीन बड़े जनसुनवाई शिविर- लुकवासा, भोंती और कोटा में आयोजित किये गये। इन शिविरों में 3000 से अधिक नागरिकों की बातचीत सीधे केंद्रीय मंत्री, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और संस्था की उपस्थिति में हुई।
मेधावी छात्रों से संवाद, देश निर्माण में भूमिका पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने आज सुबह टूरिस्ट विलेज में कक्षा 10वीं, 12वीं और यूपीएससी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों से संवाद किया और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को अधिक से अधिक सीखने और अनुभव प्राप्त करने की सलाह दी और अपना व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किया। अनिलकांत ने कहा कि आज भारत तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने परिवार के साथ देश के लिए भी जिम्मेदारी के साथ काम करें, क्योंकि भारत में वैश्विक नेतृत्व की अपार क्षमता है। उन्होंने यह जानकर हैरानी व्यक्त की कि मेधावी छात्रों में लगभग 70% बेटियां हैं, जो नारी शक्ति के बढ़ते योगदान का प्रतीक है।
यूआईटी आरजीपीवी में छात्रों से संवाद, "टॉप नोच" संस्थान बनाने की दिशा
इंस्टीट्यूट इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरजीपीवी), शिवपुरी में लगभग 200 छात्रों से संवाद किया और उनकी सलाह सुनी। उन्होंने कॉलेज परिसर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान स्टूडेंट ने सुझाव दिया कि संस्थान में एक एमबीएल स्टूडेंट काउंसिल (छात्र परिषद) का गठन किया जाए, जिससे छात्रों का व्यवसाय गारंटी के रूप में सामने आ सके। साथ ही उन्होंने एक मजबूत एल्युमनी एसोसिएशन की स्थापना करने का भी सुझाव दिया, जिसका सारथी में विभिन्न अध्याय हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों को ध्यान देने की सलाह देते हुए इस संस्थान को "टॉप नॉच" कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि भविष्य में डिफेंस यूनिट की स्थापना के बाद सिविल और इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग के छात्रों को नए अवसर मिलेंगे और वे औद्योगिक क्षेत्र में भी अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।
जनसेवा, शिक्षा एवं विकास का समन्वय दृष्टिकोण
विद्यार्थियों ने कहा कि उनका प्रयास केवल समस्याओं का समाधान करना ही नहीं है, बल्कि युवाओं को अवसर प्रदान कर क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि जनसंवाद और जनभागीदारी के माध्यम से शिवपुरी में विकास के नये आयाम स्थापित किये जायेंगे।
पंचायत भवन से लेकर स्कूल तक लगभग ₹200 करोड़ के उपहार
अपने शिव प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री राधाकृष्णन ने क्षेत्र को सड़क, भवन, पंचायत, स्कूल, तहसील भवन सहित विभिन्न मठों के माध्यम से लगभग ₹200 करोड़ के कौशल विकास की शुरुआत दी। इन सबसे पहले जहां ग्रामीण और शहरी अधोसंरचना को रोजगार मिला है, वहीं शिक्षा, शहरी सुविधाओं और उद्यमों को भी नई दिशा मिली है। जनसुनवाई के दौरान अपनी यात्रा के दौरान, सिद्धार्थ और भूमिपूजन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि विकास का सीधा लाभ उत्तर प्रदेश और हर वर्ग को मिले।

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